क्या सही हूँ मैं.?

क्या सही हूँ मैं.?



यू ढूढ़ खुद को खुद में क्या यही हैं तू,

यू ढूढ़ खुद को खुद में क्या यही हैं तू, 

खुद को पूछ यह बात बार-बार 

क्या सही हैं तू ? 


क्या कमी हैं,

सब तो यही हैं.

फिर क्यों दुखी हैं तू

तुझे दुनिया से क्या.

तेरी दुनिया तो खुद ही हैं तू,


लड़ना भी हैं तो खुद से लड़,

क्योंकि खुदको हराता और जीतता.

खुद ही हैं तू,

खुद को पूछ यह बात बार-बार 

क्या सही हैं तू ?


तुझे आंकना हैं खुद को, तुझे मापना हैं खुद को, 

तुझे आंकना हैं खुद को, तुझे मापना हैं खुद को,

फिर जीत कर दिखाना हैं तुझको और कहना हैं सबको की.

हा यही हु मैं, 

लेकिन फिर भी खुदको पूछता रहना हैं तुझको,

क्या सही हूँ मैं...

क्या सही हूँ मैं...!!!


✍️ SK Singh "Satya"

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